poems about school
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SACHIN KHUDSHAHMay 13, 2022इंसानियत बनाती है insaaniyat banaatee hai
©गुरुदीन वर्मा, आज़ाद परिचय– बारां, राजस्थान. इंसानियत बनाती है, धरती को जन्नत यारों। जिंदा रहे इंसानियत, मांगों ऐसी मन्नत…
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SACHIN KHUDSHAHMay 12, 2022मुझसे सवाल करते हैं mujhase savaal karate hain
©गुरुदीन वर्मा, आज़ाद परिचय– बारां, राजस्थान. लोग मुझसे सवाल करते हैं कि, मेरी औकात क्या है, बात करते…
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SACHIN KHUDSHAHMay 12, 2022राज उसको मालूम नहीं हो raaj usako maaloom nahin ho
©गुरुदीन वर्मा, आज़ाद परिचय– बारां, राजस्थान. देखा है उसको हमेशा, मुस्कराते हुए मैंने, रुलाना नहीं चाहता उसको, दूर…
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SACHIN KHUDSHAHMay 12, 2022क़लम और तलवार qalam aur talavaar
©नीलोफ़र फ़ारूक़ी तौसीफ़ परिचय– मुंबई, आईटी सॉफ्टवेयर इंजीनियर. अक्सर फीकी पड़ गई तलवार की धार, इतिहास के पन्नों में…
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SACHIN KHUDSHAHMay 10, 2022फोटो हो गया है आदमी photo ho gaya hai aadamee
©कुमार अविनाश केसर परिचय– मुजफ्फरपुर, बिहार जानवर भी है परेशाँ आदमी की फितरतों से, कौन जाने जानवर ही हो…
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SACHIN KHUDSHAHMay 10, 2022मुझको मत बुलाइये mujhako mat bulaiye
©गुरुदीन वर्मा, आज़ाद परिचय– बारां, राजस्थान. जी हाँ, मैं नहीं चाहता कि, बिगड़ जाये तुम्हारा काम, मेरी दर्द भरी…
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SACHIN KHUDSHAHMay 10, 2022बैरी के बस म होके bairee ke bas ma hoke
©सरस्वती राजेश साहू् परिचय- बिलासपुर, छत्तीसगढ़ छत्तीसगढ़ी रचना हिम्मत के करैया संगी, तय कैइसे हारे रे। बैरी…
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SACHIN KHUDSHAHMay 8, 2022धरती मां की कोरा dharatee maan kee kora
©गणेन्द्र लाल भारिया, शिक्षक परिचय – कोरबा, छत्तीसगढ़ छत्तीसगढ़ी रचना धरती मां की सुखद सजल अगोरा, पाप-…
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SACHIN KHUDSHAHMay 8, 2022पिंजरा pinjara
©सरस्वती राजेश साहू परिचय– बिलासपुर, छत्तीसगढ़ छत्तीसगढ़ी रचना पिजरा माया मोह ए, बंधन ओखर नीव। देह घलो तो…
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SACHIN KHUDSHAHMay 8, 2022मां maan
©सुरेन्द्र आदिवासी परिचय– अजमेर, राजस्थान कभी ये सोचा न था तेरे बिना जियेंगे कैसे, तेरे बिन इस मतलबी दुनिया…
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