Texas Hanuman Statue : अमेरिका में हनुमान प्रतिमा के पास चर्च के लोगों का प्रदर्शन, प्रदर्शनकारियों ने कहा-‘जीसस एकमात्र भगवान’, सुरक्षा के लिए मंदिर का क्या है प्लान?

Texas Hanuman Statue

Texas Hanuman Statue अमेरिका के टेक्सास में एक मंदिर के प्रांगण में हाल ही स्थापित की गई 90 फुट ऊंची श्रीराम भक्त हनुमान की प्रतिमा को लेकर पास के ही एक चर्च से जुड़े लोगों की ओर से विरोध किया जा रहा है। स्थानीय रिपोर्ट्स के मुताबिक, चर्च से जुड़े लोगों ने हाल में प्रतिमा के पास खड़े होकर विरोध जताया था। मंदिर प्रबंधन की मानें तो उसे अब सुरक्षा के लिए योजना बनानी पड़ रही है।

 

Texas Hanuman Statue टेक्सास के फोर्ट बेंड काउंटी के सुगर लैंड शहर स्थित अष्टलक्ष्मी मंदिर के प्रबंधन से जुड़े लोग सुरक्षाकर्मियों की नियुक्ति करने और कैमरे लगाने पर विचार कर रहे हैं क्योंकि ह्यूटन मेट्रोपॉलिटन एरिया में पड़ने वाले लगभग 16 हजार की आबादी (2022 तक) वाले एक छोटे से शहर हम्बल स्थित अवेकनिंग जेनरेशन चर्च के सदस्यों ने श्रीराम भक्त हनुमान (Lord Hanuman) की 90 फुट ऊंची प्रतिमा का विरोध किया है और विजिटर्स से कहा है कि यीशु (Jesus) ही एकमात्र भगवान हैं।

यह खबर स्थानीय मीडिया ह्यूस्टन क्रॉनिकल में पिछले ही हफ्ते (12 सितंबर, 2024) प्रकाशित हुई है।ह्यूस्टन क्रॉनिकल की रिपोर्टर जूही वर्मा की रिपोर्ट के मुताबिक, मंदिर के संस्थापकों में से एक डॉ. रवि तामेरिसा ने फोन पर बात करते हुए कहा, ”हमारा सुरक्षा को लेकर कभी प्लान नहीं था, हमने कभी नहीं सोचा था कि हमें इसकी जरूरत पड़ेगी।”

 

भगवान हनुमान प्रतिमा की सुरक्षा को लेकर मंदिर प्रबंधन का प्लान?

 

तामेरिसा ने बताया कि मंदिर ने पिछले हफ्ते प्रतिमा की सुरक्षा के लिए सिक्योरिटी ऑफिसर्स को नियुक्त करने में 550 डॉलर (भारतीय करेंसी के हिसाब से आज के 46114.81 रुपये) खर्च किए गए हैं। मंदिर बोर्ड अब इस बात का आकलन कर रहा है कि क्या फुल-टाइम सुरक्षाकर्मियों को नियुक्त करना संभव है और आगे क्या कदम उठाए जाने चाहिए। उन्होंने बताया कि सुरक्षा कैमरे लगाने की भी योजना बनाई जा रही है।

 

भगवान हनुमान प्रतिमा के पास खड़े होकर किया विरोध

 

रिपोर्ट के मुताबिक, 25 अगस्त को मूर्ति के आधिकारिक रूप से अनावरण के एक सप्ताह बाद, हम्बल के चर्च के 25 सदस्य हनुमान प्रतिमा के पास जमा हो गए और वहां पर प्रेइंग और प्रीचिंग (प्रार्थना और उपदेश) करते रहे, जब तक कि मंदिर की ओर से यह नहीं कहा गया कि पुलिस से संपर्क करेंगे।

 

अष्टलक्ष्मी मंदिर के ज्वाइंट सेक्रेटरी रंगनाथ कंडाला के अनुसार, 25 अगस्त को चर्च के सदस्य विजिटर्स के पास गए और उपदेश देना शुरू कर दिया। इस पर विजिटर्स को भी प्रतिक्रिया देनी पड़ी। तामेरिसा ने कहा, “स्थिति आसानी से काबू से बाहर जा सकती थी, सौभाग्य रहा कि ऐसा नहीं हुआ और जब हमने कहा कि हम पुलिस को बुलाएंगे तो वे चले गए।”

रिपोर्ट के मुताबिक, तामेरिसा ने यह भी कहा कि हालांकि चर्च समूह अहिंसक रहा है और धर्मांतरण के मामले में केवल आक्रामक रहा है, फिर भी मंदिर भविष्य में संभावित उपद्रव को लेकर चिंतित है। रिपोर्ट में यह भी बताया गया है कि चर्च की ओर से फोन कॉल और मैसेज का जवाब नहीं मिला।

 

चर्च ने मंदिर में बवाल पर सवाल का दिया ये जवाब

 

रिपोर्ट के अनुसार, तीन महीने पुराने अवेकनिंग जेनरेशन चर्च के रिलीजियस लीडर रेवरेंड ग्रेग गेरवाइस (Greg Gervais) ने 26 अगस्त को फोन पर बताया था कि उनके चर्च ग्रुप ने प्रे (प्रार्थना) करने के लिए मंदिर का दौरा किया था। उन्होंने कहा कि चर्च सुगर लैंड में ‘प्रेयर वॉक’ स्थापित करने के लिए एक ‘प्रेयर हब’ (प्रार्थना केंद्र) स्थापित करेगा। गेरवाइस ने कहा कि हालांकि उनका चर्च ग्रुप हो सकता है कि उन जगहों पर वापस जाए, जहां वो अपनी प्रेयर वॉक के दौरान गया था, लेकिन दूसरों को परेशान करना उसका उद्देश्य नहीं है।

 

बढ़ाई हिंदू विरोधी सोशल मीडिया संदेशों ने चिंता

 

तामेरिसा ने बताया कि हिंदू विरोधी सोशल मीडिया संदेशों के कारण उनकी चिंताएं बढ़ गई थीं, जिन्हें मूर्ति के पहली बार अनावरण के समय व्यापक रूप से शेयर किया गया था। उन्होंने बताया कि मीडिया कंपनी AF पोस्ट ने एक्स पर प्रतिमा की एक तस्वीर साझा की थी, जिसमें अपशब्द कहे गए।

 

भगवान हनुमान की उल्टी परिक्रमा लगाकर किया विरोध!

 

विरोध करने वाले चर्च ग्रुप के बारे में तामेरिसा ने बताया, ”चर्च के लोग वायलेंट नहीं थे, बस विरोध कर रहे थे… उन्होंने यह कहते हुए कि वे सभी को बचाना चाहते हैं और यीशु ही एकमात्र भगवान हैं, भगवान हनुमान की मूर्ति का उल्टा परिक्रमा लगाना शुरू कर दिया। हमने उनसे कहा कि कि हमारी शिक्षाओं के अनुसार ‘हम सभी रिलीजन का सम्मान करते हैं और अपने की पूजा करते हैं।'”

तामेरिसा ने कहा कि मंदिर के सदस्य चर्च ग्रुप की ओर से मूर्ति की विपरीत दिशा में परिक्रमा करने के निर्णय से विशेष रूप से नाराज थे, क्योंकि क्लॉकवाइज (दक्षिणावर्त) परिक्रमा करना हिंदू पूजा का एक पवित्र हिस्सा है।

 

चर्चा की जा सकती है इंटरफेथ डायलॉग को बढ़ावा देने वाली संस्था से

 

डॉ. रवि तामेरिसा ने बताया कि टेंपल लीडर्स ने इस मामले पर एक गैर-लाभकारी संस्था ग्रेटर ह्यूस्टन के इंटरफेथ मिनिस्ट्रीज के साथ चर्चा करने की योजना बनाई है, जो समुदाय को सामाजिक सेवाएं प्रदान करते हुए इंटरफेथ डायलॉग और सहयोग को बढ़ावा देने के लिए समर्पित है।

 

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