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बीकानेर के ग्राम कोटासर में लंपी वायरस से ग्रस्त पशुओं का शिविर लगाकर किया गया उपचार beekaaner ke graam kotaasar mein lampee vaayaras se grast pashuon ka shivir lagaakar kiya gaya upachaar

कोटासर | [राजस्थान बुलेटिन] | मवेशियों में तेजी से फैल रहे निराश्रित व लंपी वायरस से बचाव के लिए पशुपालन विभाग द्वारा शिविर लगाकर पशुओं का लक्षणानुसार उपचार किया गया। इस शिविर में 39 गौवंशों का उपचार किया गया। पशुपालन विभाग द्वारा यह शिविर डा. सुभाष घारू के नेतृत्व में ग्राम कोटासर में आयोजित किया गया।

 

शिविर प्रभारी डा. सुभाष घारू ने ऑनलाइन बुलेटिन डॉट इन (www.onlinebulletin.in) को बताया कि यदि इस बीमारी का समय पर उपचार किया जाए तो पशु के जल्द स्वस्थ होने की संभावना बढ़ जाती है। वहीं यदि ग्रामवासी मिलकर सहयोग कर इन निराश्रित पशुओं का उपचार करवाएं तो इस रोग में मृत्युदर को कम किया जा सकता है।

 

इस पुनीत कार्य में श्री अगरसिंह, श्री शेरसिंह (सरपंच प्रतिनिधि), श्री किशोर सिंह, श्री मूलाराम, श्री मदनलाल जोशी, श्री समंदर सहारण, श्री रंगड़ जी, श्री रेवंत सिंह, श्री भवानी सिंह भाटी, श्री कानाराम तर्ड, श्री अमरचंद पटीर, पशुधन सहायक श्री बाबूलाल इत्यादि ने सहयोग किया।

 

सरपंच प्रतिनिधि श्री शेरसिँह व श्री मुलाराम सहारण ने ग्रामवासियों की ओर से पशुपालन विभाग की समस्त टीम को धन्यवाद ज्ञापित किया गया।

 

 

Treatment of animals suffering from lumpy virus was done by setting up camp in Kotasar village of Bikaner

 

 

 

Kotasar | [Rajasthan Bulletin] | In order to prevent the destitute and lumpy virus spreading rapidly in cattle, the animal husbandry department organized camps and treated the animals as per symptoms. 39 cows were treated in this camp. This camp was organized by the Animal Husbandry Department under the leadership of Dr. Subhash Gharu in village Kotasar.

 

Camp in-charge Dr. Subhash Gharu told Online Bulletin.in (www.onlinebulletin.in) that if this disease is treated on time, then the chances of the animal recovering soon increases. On the other hand, if the villagers cooperate together and get these destitute animals treated, then the death rate in this disease can be reduced.

 

Shri Agar Singh, Shri Sher Singh (Sarpanch representative), Shri Kishore Singh, Shri Moolaram, Shri Madanlal Joshi, Shri Samandar Saharan, Shri Rangad ji, Shri Revant Singh, Shri Bhavani Singh Bhati, Shri Kanaram Tard, Shri Amarchand Patir, Shri Amarchand Patir, Shri Agar Singh, Shri. Livestock Assistant Shri Babulal etc. cooperated.

 

Sarpanch representatives Shri Sher Singh and Shri Mularam Saharan thanked the entire team of Animal Husbandry Department on behalf of the villagers.

 

 

कहानी, जूही की महक का 10 वां भाग, लेखक- श्याम कुंवर भारती kahaanee, joohee kee mahak ka 10 vaan bhaag, lekhak- shyaam kunvar bhaaratee

 

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