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शिक्षक भर्ती घोटाला: हाई कोर्ट ने CBI को जांच करने कहा shikshak bhartee ghotaala: haee kort ne chbi ko jaanch karane kaha

कोलकाता | [कोर्ट बुलेटिन] | पश्चिम बंगाल में प्राथमिक शिक्षकों की नौकरी घोटाला मामले में कलकत्ता हाई कोर्ट ने केंद्रीय जांच एजेंसी सीबीआई को आरोपों की जांच करने को कहा। कोर्ट ने बुधवार को केंद्रीय एजेंसी के पूर्व अतिरिक्त निदेशक उपेन बिस्वास की ओर से बंगाल के उत्तर 24 परगना के एक निवासी के खिलाफ पैसे लेकर नौकरी दिलाने के आरोपों की जांच करने का निर्देश दिया।

 

जस्टिस अभिजीत गंगोपाध्याय ने कहा कि आरोपों की सीबीआई जांच की आवश्यकता है और एजेंसी को मामला दर्ज करके इसकी जांच तुरंत शुरू करनी होगी। ममता बनर्जी सरकार में पूर्व मंत्री रहे बिस्वास ने सोशल मीडिया पर आरोप लगाया था कि उत्तर 24 परगना जिले के बगदा का रहने वाला रंजन प्राथमिक स्कूल के शिक्षकों की नौकरियां पैसे लेकर दिलाने के काम में शामिल था।

 

क्या कहा है याचिकाकर्ता ने

 

मामले में याचिकाकर्ता ने हाई कोर्ट का रुख करते हुए दावा किया है कि उन्हें सूचना का अधिकार (आरटीआई) आवेदन दाखिल करने के बावजूद पश्चिम बंगाल प्राथमिक शिक्षा बोर्ड द्वारा टीईटी 2014 पैनल के तहत नियुक्तियों की जानकारी नहीं दी गई थी। उन्होंने यह भी कहा कि रंजन का असली नाम चंदन मंडल था।

 

सहयोग नहीं करने पर ले सकती है हिरासत में

 

अदालत ने कहा कि जांच शुरू करने पर सीबीआई के पास यह अधिकार होगा कि अगर वह एजेंसी के साथ सहयोग नहीं करता है तो वह आरोपी को पूछताछ के लिए हिरासत में ले सकती है। जस्टिस गंगोपाध्याय ने यह भी कहा कि बिस्वास से भी सीबीआई की जांच में पूरा सहयोग करने की उम्मीद है।

 

याचिकाकर्ता ने अदालत के समक्ष कथित अवैध नियुक्तियों की दो सूचियां पेश कीं, जिनमें से एक में 68 नाम और दूसरी में 18 नाम थे। अदालत ने सीबीआई को 15 जून को सुनवाई की अगली तारीख पर अपनी जांच पर स्थिति रिपोर्ट दाखिल करने का निर्देश दिया।

 

 

Teacher recruitment scam: High Court asks CBI to investigate

 

Kolkata | [Court Bulletin] | The Calcutta High Court has asked the Central Investigation Agency (CBI) to probe the allegations in the West Bengal primary teachers job scam case. The court on Wednesday directed a probe by Upen Biswas, former additional director of the central agency, against a resident of Bengal’s North 24 Parganas on charges of getting jobs by taking money.

 

Justice Abhijit Gangopadhyay said there was a need for a CBI probe into the allegations and the agency would have to register a case and start its investigation immediately. Biswas, a former minister in the Mamata Banerjee government, had alleged on social media that Ranjan, a resident of Baghda in North 24 Parganas district, was involved in getting jobs of primary school teachers by taking money.

 

 What has the petitioner said

 

The petitioner in the matter has moved the High Court claiming that he was not informed about the appointments under the TET 2014 panel by the West Bengal Board of Elementary Education despite filing a Right to Information (RTI) application. He also said that Ranjan’s real name was Chandan Mandal.

 

 Can be taken into custody for not cooperating

 

The court said that upon initiation of the investigation, the CBI will have the right to take the accused into custody for questioning if it does not co-operate with the agency. Justice Gangopadhyay also said that Biswas is also expected to cooperate fully in the CBI investigation.

 

The petitioner produced before the court two lists of alleged illegal appointments, one containing 68 names and the other with 18 names. The court directed the CBI to file a status report on its investigation on June 15, the next date of hearing.

 

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