हर घर में अब दीप जलेगा | ऑनलाइन बुलेटिन

©दीपमाला साहू

परिचय- धमतरी, छत्तीसगढ़


 

खुशियों से मंगल गीत बजेगी,

हर घर में अब दीप जलेगी।

 

घर आंगन में खुशियां होगी,

प्यारी सी रंगोली सजेगी।

 

असंख्य दीपों की माला सजेगी,

घर घर में फुलझड़ी जलेगी।

 

राम जी के अयोध्यागमन में,

खुशियों का पर्व मनाएंगे।

 

धूप दीप से थाल सजाकर,

नव नव मंगलगीत गाएंगे।

 

वैभव धन यश कीर्ति लेकर,

हर घर में मां लक्ष्मी आई।

 

पांचदिवसीय मंगल पर्व,

की पावन सौगात है लाई ।

 

मिलजुल कर सौहाद्र भाव से,

अखंड ज्योति जलाएंगे।

 

तिमिर दूर करके हम,

दीपोत्सव का पर्व मनाएंगे।

 

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