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द्रौपदी तेरा कान्हा अनमोल Draupadi Tera Kanha Anmol

©नीलोफ़र फ़ारूक़ी तौसीफ़

परिचय– मुंबई, आईटी टीम लीडर


 

द्रौपदी तेरा कान्हा है अनमोल,

चुका न पाए कोई ऐसा है मोल।

 

मित्र बनकर साथ दिया,

हर पल एहसास दिया,

जब भी विपदा आई तुझपे,

स्वंय को वहाँ ढाल दिया।

 

चीरहरण पे कोई न आगे आया,

भरी सभा में सब ने सिर झुकाया,

पाँच  पति होकर भी हारे तुझे,

पंचाली तुझे सिर्फ़ कान्हा ने बचाया।

 

विश्वास तेरा अडिग रहा,

कान्हा तेरे साथ खड़ा रहा,

डूबी तू आँसू के समन्दर में,

सभी धुरन्धर वहीं पड़ा रहा।

 

मित्र का पाठ कान्हा ने सिखाया,

द्रौपदी की लाज कान्हा ने बचाया।

 

 

नीलोफ़र फ़ारूक़ी तौसीफ़

Nilofar Farooqui Tauseef

 

 

Draupadi Tera Kanha Anmol

 

 

 

 

Draupadi, your ear is priceless,
No one can pay such a price.

Supported as a friend
Every moment felt
Whenever calamity came upon you,
He put himself there.

No one came forward on the chirharan,
Everyone bowed their heads in the full assembly,
You lost even after having five husbands,
Panchali only Kanha saved you.

 

Your faith remains unshakable,
Kanha stood by you
You drowned in a sea of ​​tears,
All the demons remained there.

Kanha taught the friend’s lesson,
Kanha saved Draupadi’s shame.

 

 

 

शिक्षक shikshak

 

 

 

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