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रामधारी सिंह दिनकर | ऑनलाइन बुलेटिन

©अरुणा अग्रवाल

परिचय- लोरमी, मुंगेली, छत्तीसगढ़.


 

 

 

दिनकरजी थे राष्ट्र-कवि सह ओज,

कविता विधा था मुख्य, विधा सतेज,

आधुनिक साहित्य के जनक, रामधारी,

गद्य, पद्य दोऊं में थे वे साहित्यिक, मुरार.।।।

 

बिहार राज्य में हुआ जन्म सुजान,

स्नातक तक की था पठन-पाठन,

परन्तु देशभक्त थे, साहित्यकार,

लेखन विधा था, समीक्षात्मक, भावनात्मक.।।।

 

काव्य, संस्कृति, समाज औ जीवन,

इन सबमें थे सिद्धहस्त, वह, महान,

रेणुका, हुंकार, रश्मिरथी, सराहनीय,

जिसके बुते वह बने, प्रसिद्ध, अभय.।।।

 

खड़ी बोली, शुद्ध भाषा का प्रयोग,

पद्म-विभूषण आदि सम्मान, समाहित,

ऐसे महान विभूति का जन्म, सौभाग्य,

जयंती पे श्रद्धा सुमन अर्पित, अहो भाग्य.।।।

 

 

 

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