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जूही की महक, कहानी: भाग -5, लेखक – श्याम कुंवर भारती joohee kee mahak, kahaanee: bhaag -5, lekhak – shyaam kunvar bhaaratee

©श्याम कुंवर भारती

परिचय– बोकारो, झारखंड


 

जूही ने कहा चलो कहीं धूप में बैठते हैं थोड़ी बातचीत करके फिर वापस चलेंगे। सुधीर ने कहा ठीक है मैडम।

 

दोनों थोड़े दूर पर एक सीमेंट की बनी बेंच पर बैठ गए। बात जूही ने शुरू किया – तुम हमेशा कम बोलते हो या मेरे साथ हो इसलिए। नहीं मैडम आप बोलिए न मैं सुन रहा हूं सुधीर ने जल्दी से कहा।

 

तुम नहीं पूछोगे मगर मैं खुद ही अपने परिवार के बारे में बताती हूं। मेरे परिवार में मेरे माता पिता और तीन छोटी बहनें है। मेरी पढ़ाई लिखाई सच कहो तो मेरी मां ने ही कराया है। मेरे पिताजी एक किसान है ज्यादा खेती बाड़ी नहीं है। मेरे पिता की एक एक्सीडेंट में एक हाथ और एक पैर डैमेज हो जाने से उनसे कोई बड़ा काम नहीं हो पाता है। इसलिए मेरी मां ने सब्जियां उगाना शुरू किया। मां के काम में हम चारों बहनें मदद करती थी। सब्जियों से अच्छी आमदनी हो जाती थी। व्यापारी खेत से ही सब्जियां खरीद ले जाते थे। लाभ होने पर मेरी मां दूसरे किसानों की जमीन भाड़े पर लेकर सब्जियां उपजाने लगी।

 

इंटर पास करने के बाद मैंने एक प्राइवेट स्कूल में टीचर के रूप में पढ़ाना शुरू किया और खुद भी पढ़ती थी। घर ठीक चल रहा था। मेरी तीनों बहनें भी सरकारी स्कूल में पढ़ने लगी। लेकिन मेरी मां को शुगर और हार्ट की बीमारी ने घर का बजट बिगाड़ दिया। सरकारी अस्पताल में इलाज तो फ्री हो जाता था मगर दवाइयां बाहर से लेनी पड़ती थी। कई डॉक्टरों से दिखाया मगर ठीक नहीं हो रही थी। बाद में थोड़ा आराम तो हुआ मगर डॉक्टर ने कहा जिंदगी भर दवा खानी पड़ेगी।

 

जब तक दवा खायेगी ठीक रहेगी मगर बंद करते ही फिर बीमारी बढ़ जायेगी। मां को डॉक्टर ने हल्का फुल्का काम करने का सलाह दिया। मेरे पापा केवल खेतों की देखभाल करते थे बाकी काम हम सभी बहनों को ही करना पड़ता था। इस तरह मेरे पूरे परिवार की जिम्मेवारी मुझपर ही आ गई। आजतक निभा रही हूं। मुझे ही अपनी तीनों बहनों की पढ़ाई लिखाई करानी है फिर विवाह भी करना है।

 

इस नौकरी के लिए मुझे बड़ी मुश्किल हुई। परीक्षा की तैयारी मां का इलाज और पापा की देखभाल करना पैसे भी कमाना तीनों बहनों को भी संभालना बड़ा मुश्किल होती थी फिर भी मैंने हिम्मत नहीं हारी। तैयारी करती रही। लेकिन इस दरम्यान खेती बाड़ी का काम बंद हो गया। लाचार होकर मेरी मां को मेरे मामा जी से कर्जा लेना पड़ा। अंततः भगवान ने साथ दिया मेरी परीक्षा सफल हुई और मेरा चयन हो गया।

 

सुधीर को जूही की कहानी सुनकर बड़ा दुख हुआ और गर्व भी की जूही एक संघर्ष शील लड़की है। समस्यायो से घबड़ाती नहीं बल्कि उनका मुकाबला करती है।

 

अब घर और खेती बाड़ी की क्या स्थिति हैं मैडम सुधीर ने पूछा।

 

चयन होने के बाद मैंने कुछ महिला मजदूरों को खेती बाड़ी में लगा दिया है मेरा भी काम हो जायेगा और उनको भी एक रोजगार मिल जायेगा।

 

मुझे दो तीन महीने लगेंगे घर का कर्जा भरने में जूही ने गंभीर होकर कहा।

 

इतने दिन क्यों मैडम अब तो आप वीडियो हो गई है अब आपको पैसे की क्या कमी है सुधीर ने पूछा।

 

मेरी तनख्वाह क्या लाखों रुपए है। दूसरी बात मैं एक रुपया किसी से कोई घूस या कमीसन नहीं लेती हूं। नियम के मुताबिक जो काम सही होता है मैं तुरंत कर देती हूं खासकर गरीबों का तो मैं खुद ही बुला बुला कर करती हूं क्योंकि मैं भी तो एक गरीब परिवार से हूं। मुझे गरीबों के दुख का अंदाजा है।

 

जी मैडम मुझ आप पर गर्व महसूस हो रहा है। सुधीर ने जूही की तारीफ करते हुए कहा। थैंक यू सुधीर। मगर मुझे मैं हमेशा वीडियो बनकर ही नहीं रहना चाहती हूं। पहले घर के हालत सुधार लूं फिर आगे की भी पढ़ाई पूरी करना चाहती हूं। मेरा सपना आई ए एस अफसर बनना है। जूही ने अपना सपना सुधीर को बताते हुए कहा।

 

वाह बहुत सुंदर मैडम भगवान आपकी इक्षा जरूर पूरा करे। अगर आपका सपना पूरा हो गया तो आप आम लड़कियों के लिए एक प्रेरणा बनेंगी।

 

मुझे तुम्हारी बाते सुनकर बड़ी हिम्मत मिल रही है सुधीर थैंक यू।

 

लेकिन मैं अकेले नहीं बनना चाहती हूं। अब मेरे साथ तुम भी सामिल हो गए हो सुधीर तुम्हे भी तो आई पी एस अफसर बनना है न।

 

अचानक सुधीर ने घड़ी देखते हुए कहा मैडम शाम के सात बज चुके है। देखिए बात चीत में समय का ध्यान ही नहीं रहा।

 

जूही ने कहा ठीक कहा तुमने सुधीर फिर उसने अपने चारों तरफ नजर उठा कर देखा शाम का धुंधलका बढ़ चुका था। ठंड बढ़ गई थी। पार्क में इक्का दुक्का ही लोग रह गए थे। ठीक है चलो चलते है। जूही ने कहा और उठ खड़ी हुई और सुधीर भी खड़ा हो गया।

 

जल्दी चलिए मैडम काफी देर हो गई है। अब पार्क के भी बंद होने का समय हो गया है।

 

दोनों जल्दी जल्दी पार्क के गेट की तरफ बढ़ने लगे। जूही ने ठंड का अनुभव किया। सुधीर मुझे बहुत ठंड लग रही है। कही चाय मिलेगी क्या। चाय पीने से थोड़ी राहत होती। जी मैडम आप गाड़ी में बैठिए मैं आपको यहां की सबसे बेहतरीन चाय चौक पर पिलाता हूं उसने बोलेरो गाड़ी की पिछली सीट का दरवाजा खोलते हुए कहा। लेकिन जूही ने आगे वाली सीट का दरवाजा खोलकर कहा मैं आगे ही बैठूंगी तुम चलो गाड़ी स्टार्ट करो।

 

सुधीर ने वैसा ही किया। गाड़ी स्टार्ट करके उसने आगे बढ़ा दिया। चौक पर जाकर उसने सड़क के किनारे गाड़ी रोक दिया और कहा आप बैठे रहिए मैडम मैं दुकान से चाय लेकर आता हूं। जूही ने हां में सिर हिला दिया। थोड़ी देर में सुधीर मिट्टी की प्याली में चाय ले आया और जूही को पकड़ा दिया। तुम भी अपनी चाय लेकर आओ जूही ने उसके हाथ से चाय लेते हुए कहा। जी मैडम इतना कहकर सुधीर वापस चला गया और अपनी चाय लेते आया। जूही ने चाय पीते हुए कहा चाय वाकई बहुत अच्छी है बड़ा आराम लग रहा है मगर तुमसे बेहतर नहीं है उसने मुस्कुराते हुए कहा। सुधीर भी हंसने लगा। थैंक यू मैडम।

 

तभी बादल के गरजने की आवाज आने लगी। लगता है आज फिर बारिश होने वाली है जल्दी चाय पीजिए मैडम यहां से निकलना पड़ेगा। सुधीर ने जल्दी जल्दी चाय पीते हुए जूही से कहा।

 

तुम इतना परेशान क्यों हो रहे हो सुधीर हमारे पास गाड़ी है और सबसे बड़ी बात है तुम साथ में हो और जूही हंसने लगी।

 

ऐसी बात नहीं है मैडम रास्ते में जंगल पड़ता है एक तो पानी बरस गया गाड़ी चलाना मुश्किल होगा दूसरा अगर गाड़ी खराब हो गई तो दिक्कत हो जायेगी सुधीर ने चिंता जाहिर करते हुए कहा।

अच्छा लो चाय के पैसे देकर आओ और चलो जल्दी जूही ने सुधीर को पचास रुपए का नोट देते हुए कहा।

 

अब इतना शर्मिंदा न करे मैडम मैंने चाय का पैसा दे दिया है सुधीर ने ड्राइविंग सीट पर बैठकर गाड़ी स्टार्ट करते हुए कहा।

 

चलो ठीक है जैसी तुम्हारी मर्जी।

 

दोनों दो तीन किलोमीटर ही गए होंगे की जोरों की बारिश शुरू हो गई। एक तो शाम का ठंड का मौसम ऊपर तेज ठंडी हवाओं के साथ जोरदार बारिश जूही ठंड से कांपने लगी। सुधीर ने कहा मैडम आप अपनी खिड़की का सीसा ऊपर चढ़ा ले बारिश के झोंको से आप भींग जायेंगी। आपको सर्दी लग जायेगी।

 

थोड़ा भींगने दो न सुधीर मुझे बारिश के पानी में भीगने में बड़ा मजा आता है। जूही ने सुधीर को देखकर मुस्कुराते हुए कहा।

 

सुधीर अंदर से परेशान होने लगा था अजीब जिद्दी लड़की है भला कोई कहेगा ये वीडियो है। बच्ची जैसी हरकत कर रही है। मगर उसकी शख्सियत से वो प्रभावित भी था। उसने जूही को समझाते हुए कहा मैडम जिद मत कीजिए सीसा चढ़ा लीजिए ये बरसात का मौसम नहीं है जाड़ा में बारिश हो रही है आप बीमार हो जाएंगी।

 

बीमार हो भी जाऊंगी तो क्या, तुम जो हो मेरा इलाज कराने के लिए। जूही ने मजाक करते हुए कहा।

 

अरे यार आज कहा फंस गया अब कैसे समझाएं इनको सुधीर ने मन ही मन झल्लाते हुए सोचा। अभी थोड़ी देर पहले कितना गंभीर लग रही थी और अभी देखो हद कर रही है।

 

सुधीर ने जल्दी पहुंचने के चक्कर में एक्सीलेटर पर पैर दबाना शुरू कर दिया। गाड़ी तूफान स्पीड में भागी जा रही थी।

 

जूही आधा भींग चुकी थी मगर सीसा बंद नहीं किया और छींकने लगी। देखिए लग गई न सर्दी आपको। सुधीर ने चिंता जाहिर करते हुए। देखा जूही कांप भी रही थी उसने गाड़ी रोक दिया और हाथ बढ़ाकर सीसा ऊपर चढ़ा दिया और अपना लेदर का जैकट देते हुए मैडम कोई ऐतराज न हो तो लीजिए मेरा जैकेट ओढ़ लीजिए आपको थोड़ा आराम लगेगा।

 

जूही ने बिना कहे उसका जैकेट ले लिया और अपने ऊपर ओढ़ लिया सुधीर ने राहत की सांस ली और गाड़ी स्टार्ट कर फूल स्पीड में दौड़ा दिया। अभी वे दोनों जंगल के रास्ते से गुजर रहे थे बाहर काफी अंधेरा था। बारिश रुकने का नाम नहीं ले रही थी।

 

सुधीर गाड़ी भगाए जा रहा था तभी गाड़ी ने झटका लेना शुरू किया और कुछ दूर जाकर रुक गई। सुधीर ने कई चाबी घुमाकर स्टार्ट करने का कोशिश किया मगर गाड़ी स्टार्ट नहीं हुई। उसने परेशान होकर जूही की तरफ देखा वो अपना सिर सीट पर टिका कर आराम से सो रही थी। कमाल है यार इतनी बारिश में जंगल में गाड़ी खड़ी हो गई है और मैडम बेफिक्र होकर आराम सो रही हैं। उसने मन ही मन सोचा। मगर उसका चेहरा बड़ा मासूम लगा। उसपर उसे नाज भी था और एक जवान लड़की को उसपर इतना विश्वाश देखकर उसे खुद पर भी गुमान हुआ। उसने उसे सोने दिया।

 

उसने अपने एक दोस्त को फोन लगाया। फोन लगते ही उसने सब बताते हुए पूछा तुम तो गाड़ी मेकेनिक हो यार बताओ क्या करूं। उसके दोस्त ने बताया हो सकता गाड़ी के कार्बोरेटर में कचड़ा आ गया हो जिससे तेल इंजन तक नहीं पहुंच पा रहा है इसलिए गाड़ी बंद हो गई हैं। फिर उसने कुछ उपाय बताते हुए कहा तुम गाड़ी का बोनट इस तरह से खोलो ताकि वर्षा का पानी इंजन पर न पड़े और जैसा बताए है कर के देखो, अगर स्टार्ट हो गई तो ठीक है वरना मैं दूसरी गाड़ी लेकर आ जाऊंगा। गाड़ी को टोचन कर ले आयेंगे तुम चिंता मत करो।

 

सुधीर ने गाड़ी का गेट खोल दिया और बाहर आ गया पानी में भींगते हुए उसने वैसा ही किया जैसा उसके दोस्त ने बताया था और फिर बोनट बंद कर ड्राइविंग सीट पर आकर बैठ गया और गाड़ी स्टार्ट किया है वो बहुत खुश हुआ गाड़ी स्टार्ट हो चुकी थी। उसने अपने दोस्त को बता दिया की गाड़ी स्टार्ट हो चुकी है वो चिंता न करे।

 

अचानक जूही फिर छींकने लगी और उसकी नींद टूट गई और सुधीर की तरफ देखकर बोली अरे तुम इतना भींग कैसे गए सुधीर। सुधीर ने जब कारण बताया तो वो उसे डांटते हुए बोली अरे तो तुमने मुझे जगाया क्यों नहीं।

 

मैंने आपको जगाना सही नहीं समझा मैडम और आप चिंता न करे सब ठीक है आप आराम से बैठे।

 

करीब आधे घंटे में सुधीर अपने घर पहुंच गया। घर पर उसकी मां और भाई बहन उसका इंतजार कर रहे थे। उसकी मां ने देखा जूही और और सुधीर दोनों पानी में भीग चुके है उसने कारण पूछा। सुधीर ने कहा मां रास्ते में गाड़ी खराब हो गई थी इसलिए हम दोनों भींग गए तुम चिंता मत करो।

 

सुधीर की मां ने जूही से कहा जूही बेटी तुम अंदर जाकर मेरी साड़ी पहन लो तबतक मैं खाना लगाती हूं खाना खाकर अपने घर जाना।

 

नहीं आंटी मैं ठीक हूं जूही ने कहा और फिर छींकने लगती है उसके आंख नाक से पानी बहनें लगा था।

 

उसके ना करने पर सुधीर ने धीरे से उसके कान मे कहा मेरी मां आपसे कम जिद्दी नहीं है। चुप चाप जाकर कपड़े बदल लें, खाना खा लें। मां आपको हल्दी दूध उबाल कर दे देगी और तेल गर्म करें लगा भी देगी आपकी बहुत आराम लगेगा मैडम। कल शुवह आपको आपके घर छोड़ दूंगा। अगर नहीं मानी तो आप मेरी मां की डांट सुनेंगी।

 

जूही मुस्कुराकर बोली ठीक है आंटी।

 

 

शेष अगले भाग 6 में।

 

 

 

श्याम कुंवर भारती

Shyam Kunwar Bharti

 

 

Juhi said, let’s sit somewhere in the sun, after talking a little, we will go back. Sudhir said okay madam.

 

Both of them sat on a bench made of cement a short distance away. The talk Juhi started – You always talk less or are with me because of this. No madam, you speak, nor am I listening, said Sudhir quickly.

 

You will not ask but I myself tell about my family. My family consists of my parents and three younger sisters. To tell the truth, my mother has done my studies. My father is a farmer, not much farming. Due to the damage of one arm and one leg in an accident of my father, no big work can be done by him. So my mother started growing vegetables. Four of us sisters used to help in mother’s work. Vegetables used to make a good income. Traders used to buy vegetables from the farm itself. On getting profit, my mother started cultivating vegetables by taking the land of other farmers on rent.

 

After passing Inter, I started teaching as a teacher in a private school and used to study myself. The house was going well. My three sisters also started studying in government school. But my mother got sugar and heart disease spoiled the budget of the house. Treatment in the government hospital used to be free but medicines had to be taken from outside. Showed to many doctors but was not getting better. Later, there was some relief, but the doctor said that he will have to take medicine for the rest of his life.

 

As long as the medicine is taken, it will be fine, but after stopping it, then the disease will increase. The doctor advised the mother to do light work. My father only took care of the fields, the rest of the work had to be done by all of us sisters. In this way the responsibility of my entire family fell on me. I am doing till today. I have to get my three sisters educated and then married.

 

I found it very difficult for this job. Preparing for the exam, taking care of my mother and taking care of my father, earning money, it was very difficult to handle the three sisters, yet I did not lose my courage. Keep preparing. But during this time the work of farming was stopped. Being helpless, my mother had to take a loan from my maternal uncle. Finally God supported me, my exam was successful and I got selected.

 

Sudhir is very sad to hear Juhi’s story and also proud that Juhi is a struggling girl. He does not panic with problems, but confronts them.

 

Madam Sudhir asked what is the condition of the house and farming bari now.

 

After getting selected, I have engaged some women laborers in farming, my work will also be done and they will also get an employment.

 

It will take me two to three months to pay the loan of the house, Juhi said seriously.

 

Why so many days, madam, now you have become a video, now what is your lack of money, Sudhir asked.

 

Is my salary lakhs of rupees? Secondly, I do not take any bribe or commission from anyone for a rupee. According to the rules, I do the work that is right, especially for the poor, I do it by calling myself because I am also from a poor family. I understand the plight of the poor.

 

I am proud of you sir. Sudhir praised Juhi and said. Thank you Sudhir. But I don’t want to be a video forever. I should first improve the condition of the house and then I want to complete further studies. My dream is to become an IAS officer. Juhi said telling her dream to Sudhir.

 

Wow very beautiful madam may God fulfill your wish. If your dream comes true then you will be an inspiration for common girls.

 

I am getting a lot of courage listening to you Sudhir Thank you.

 

But I don’t want to be alone. Now you have also joined me, Sudhir, you also have to become an IPS officer, don’t you?

 

Suddenly Sudhir looked at the clock and said, madam, it is seven o’clock in the evening. See, the time was not taken care of in the conversation.

 

Juhi said right you said Sudhir, then he looked around and saw that the evening twilight had increased. It was cold. There were only a few people left in the park. Alright let’s go. Juhi said and stood up and Sudhir also stood up.

 

Come on, ma’am, it’s too late. Now it’s time for the park to close as well.

 

Both of them quickly started moving towards the gate of the park. Juhi feels cold. Sudhir I am feeling very cold. Where can I get tea? Drinking tea would have brought some relief. Sir, you sit in the car, I give you a drink at the best tea square here, he said while opening the door of the back seat of the Bolero car. But Juhi opened the door of the front seat and said, I will sit in front, you let’s start the car.

 

Sudhir did the same. Starting the car, he pushed it forward. Going to the square, he stopped the car on the side of the road and said, you keep sitting, madam, I bring tea from the shop. Juhi nodded her head yes. After a while Sudhir brought tea in an earthen cup and caught Juhi. You also bring your tea, Juhi said while taking tea from her hand. Saying this, sir, Sudhir went back and came to take his tea. Juhi said while drinking tea, the tea is really good, it feels very relaxing but it is not better than you, she said with a smile. Sudhir also started laughing. Thank you ma’am.

 

Then the sound of thunder started coming. It seems that it is going to rain again today, drink tea soon, madam, you will have to get out of here. Sudhir quickly said to Juhi while drinking tea.

 

Why are you getting so upset Sudhir we have a car and the most important thing is you are together and Juhi started laughing.

 

It is not like this, madam, there is a forest on the way, one, it will be difficult to drive if the water has rained, and if the car gets damaged, then there will be a problem, Sudhir said expressing concern.

 

Well take tea, come by giving money and come soon Juhi said giving fifty rupees note to Sudhir.

 

Now don’t be so embarrassed, madam, I have given the money for tea, Sudhir said while starting the car sitting on the driving seat.

 

Come on as you wish.

 

Both must have gone two or three kilometers when it started raining heavily. On one hand, the cold weather of the evening, with strong cold winds, heavy rain, Juhi started shivering with cold. Sudhir said, madam, take the lead of your window up, you will be drenched by the gusts of rain. You will get cold.

 

Let me get wet a little, Sudhir, I enjoy getting wet in rain water. Juhi smiled seeing Sudhir.

 

Sudhir was starting to get upset from inside, she is a strange stubborn girl, no one will say this is the video. Acting like a child. But he was also impressed by her personality. He explained to Juhi and said, madam, don’t insist, take the lead, this is not the rainy season, it is raining in winter, you will get sick.

 

Even if I get sick, what are you there to get me treated? Juhi jokingly said.

 

Hey man, where did you get stuck today, now how to explain them, Sudhir thought with a rage in his heart. It was looking so serious just a while back and now look it is doing the limit.

 

Sudhir started pressing his feet on the accelerator in order to reach early. The car was running at storm speed.

 

Juhi was half drenched but did not turn off the lead and started sneezing. Look, you have not felt cold. Sudhir expressed concern. Saw Juhi was trembling too, she stopped the car and raised the lead by raising her hand and giving your leather jacket, madam, if you don’t mind, then take my jacket, you will feel a little relaxed.

 

Juhi took his jacket without saying and put it on her Sudhir heaved a sigh of relief and started the car and ran at full speed. Right now both of them were passing through the forest path, it was very dark outside. The rain was not taking its name to stop.

 

Sudhir was being driven away when the car started taking a jolt and stopped after going some distance. Sudhir tried to start by turning several keys but the car did not start. He looked at Juhi upset, she was sleeping comfortably with her head resting on the seat. Amazing man, in this rain, the car has stopped in the forest and madam is sleeping restlessly without worry. He thought to himself. But his face looked very innocent. He was also proud of him and seeing a young girl so confident in him, he felt proud of himself. He let her sleep.

 

He called a friend of his. As soon as he got the call, he asked, telling everything, you are a mechanic, man, tell me what to do. His friend told that there may have been debris in the carburetor of the car, due to which the oil is not reaching the engine, so the car has stopped. Then while telling some remedies, he said that you open the bonnet of the car in such a way that the rain water does not fall on the engine and do it as told, if it starts then it is fine otherwise I will bring another car. Don’t worry you will bring the car towed.

 

Sudhir opened the gate of the car and came out, soaking in the water, he did as his friend told him and then closed the bonnet and sat on the driving seat and started the car, he was very happy that the car had started. . He told his friend that the car has started, he should not worry.

 

Suddenly Juhi started sneezing again and she broke her sleep and looking at Sudhir said hey, how did you get so wet Sudhir. When Sudhir told the reason, she scolded him and said, why didn’t you wake me up.

 

I didn’t think it right to wake you up, madam and don’t worry, all is well, sit comfortably.

 

Sudhir reached his house in about half an hour. His mother and siblings were waiting for him at home. Her mother saw that both Juhi and Sudhir were drenched in water, she asked the reason. Sudhir said mother, the car had broken down on the way, so we both got wet, don’t worry.

Sudhir’s mother told Juhi, daughter of Juhi, you go inside and wear my sari, till then I eat food and go to your home.

 

No aunty, I am fine, said Juhi and then she started sneezing, her eyes started watering from her nose.

 

On not doing this, Sudhir said softly in his ear that my mother is no less stubborn than you. Go quietly, change clothes, eat food. Mother will give you turmeric milk, boil it and heat the oil and apply it, you will feel very comfortable, madam. Tomorrow Shuvah will drop you off at your house. If you don’t agree then you will listen to my mother’s scolding.

 

Juhi smiled and said ok aunty.

The rest in the next section 6.

 

 

 

भारत से कब मिटेगा छुआछूत ? bhaarat se kab mitega chhuaachhoot ?’

 

 

 

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