हिंदी की मीठी बोली | ऑनलाइन बुलेटिन

©पूनम सुलाने-सिंगल

परिचय- श्रीनगर से….


 

 

जोड़ बिखरे शब्दों को

हिंदी ने गीतों की माला बनाई

हिंदी की मीठी बोली ने

विश्व में हमें पहचान दिलाई

 

एक धागे से जोड़ सभीको

अपनेपन की ज्योत जगाई

हिंदी के मीठे शब्दों ने

दूरी सभी के मन की मिटाई

 

हिमालय जैसी हो

हमेशा हिंदी की ऊँचाई

सागर सी बनी रहे

सदा हिंदी की गहराई

 

धरती से लेकर अंबर तक

बस हिंदी ही दे सुनाई

माँ जैसी ममता है इसकी

इसे लेकर करे ना कभी लड़ाई

 

एक बने रहो आपस में

बात ए हिंदी ने हमें सिखाई

हिंदी के प्रेरणा भरे शब्दों ने

राह सफलता की हमें दिखाई

 

 

टीचर का हाथ बांधकर बीच रास्ते जमकर की पिटाई, वजह जानकर चौंक जाएंगे आप | ऑनलाइन बुलेटिन

 


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