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हमेशा साथ रहना hamesha saath rahana

©नीलोफ़र फ़ारूक़ी तौसीफ़

परिचय– मुंबई, आईटी टीम लीडर


 

हवाओं की ख़ुशबू बन, हर पल साथ रहना तुम।

जले कभी पाँव धुप में, छाँव बनकर चलना तुम।

 

तन्हाई में जब भी घबराने वाले दुखों से मन मेरा,

एक नज़र देखकर, मेरी आँखों से सब पढ़ना तुम।

 

उलझ जाऊँ जब भी किसी बात पे तुम से,

मेरी हर बातों को छोड़कर, मेरे एहसास समझना तुम।

 

मुश्किलों से जब भी घबराने लगे जब दिल मेरा,

हौसला और हिम्मत बन थाम के उँगली चलना तुम।

 

लड़खड़ाने लगे जब क़दम मेरा, पथरीली राहों में,

हाथों में हाथ थामे, पथरीली राहों से संग गुज़रना तुम।

 

न अपना है कोई मेरा, न है कोई भी पराया मेरा,

दुनिया तुम ही हो मेरे, ये हर पल याद रखना तुम।

 

 

नीलोफ़र फ़ारूक़ी तौसीफ़

Nilofar Farooqui Tauseef

 

 

always be there

 

 

Be the fragrance of the wind, you stay with me every moment.
Sometimes your feet burn in the sun, you walk as a shade.

Whenever in loneliness my mind is filled with terrifying sorrows,
Seeing a glance, you read everything through my eyes.

Whenever I get confused with you on anything,
Leaving all my words, you understand my feelings.

Whenever my heart starts getting scared due to difficulties,
Be courageous and courageous and walk your fingers.

 

Started to stagger when my footsteps, in rocky paths,
Holding hands in hand, you pass along rocky roads.

No one is mine, no one is my alien,
You are my world, remember this every moment.

 

अग्निपथ agnipath
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जीवन का गणित jeevan ka ganit

 

 

 

 

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