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जीवन का गणित jeevan ka ganit

©राजेश श्रीवास्तव राज

परिचय– गाजियाबाद, उत्तर प्रदेश.


 

 

कवित्त छंद

 

 

भागाकार गुणाकार,

करके तो देख लिया।

जीवन है गोल गोल,

इसको ही मानिए।

आरोही व अवरोही,

क्रम में सजा करके।

बड़ा यहां शून्य है,

सूत्र यही जानिए।।

 

जोड़ कर घटा कर,

जीवन है बीत रहा।

त्रिभुज या चतुर्भुज,

कोंण आप पाईए।

जैसे वर्ग या आयात,

जीने का ही ढंग लगे।

गणित सा जीवन ही,

इसको लगाइए ।।

 

सम या विषम अंक,

रिश्ते बनते है यहां।

हल फल क्षेत्रफल,

सबमें ही बांटिए।

छोटी रेखा बड़ी रेखा,

हस्त रेखा सम जैसे।

ऐसे यहां मान कर,

सब अपनाइए।।

 

अंक बीज रेखा से ही,

तार यहां जुड़ा हुआ।

विन्दु का महत्व बड़ा,

आप जरा जानिए।

अंक का ही खेल सब,

अंक से ही माया सब।

अंक बिना कुछ नहीं,

सबको सिखाइए ।।

 

राजेश श्रीवास्तव

Rajesh Srivastava Raj

 

math of life

 

 

poetic verse

 

 

quotient multiplier,
Have seen it done.
life is round,
Consider this only.
ascending and descending,
By decorating in sequence.
big is zero here,
Know this formula.

 

adding and subtracting,
Life is passing.
triangle or quadrilateral,
Where did you get it?
e.g. class or import,
Just have a way of living.
Life is like math
Put this on.

 

even or odd digits,
Relationships are made here.
Hull Fruit Area,
Share it with everyone.
small line big line
Like hand line.
Assuming here,
Follow all.

 

Points from the seed line itself,
Wire connected here.
importance of point
You just know
It’s all a game of numbers,
Maya is all from numbers.
nothing without points
Teach everyone.

 

 

वो फूल-से चेहरे ! vo phool-se chehare !

 

 

 

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