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छोटू को देखा | Onlinebulletin.in

©आर एस आघात, अलीगढ़, उत्तर प्रदेश

परिचय– शिक्षा – एमए, एमबीए, बुद्ध शिक्षा प्रसार समिति अलीगढ़ के प्रचार सचिव, रन फॉर अम्बेडकर के अध्यक्ष हैं. सम्मान– हिंदी योद्धा सम्मान, काव्य – रत्न सम्मान व विभिन्न पुस्तके, काव्य, रचना, नगमों का प्रकाशान.


 

 

आज फिर से छोटू को देखा,

वही फटेहाल

वही चेहरे पर दिखी

कोमल सी मुस्कान

वही पुरानी ड्रेस और

वही पुरानी जिंदगी सुरतेहाल ।

 

आज फिर से छोटू को देखा,

वही आशा

वही संसार

देखकर आवक गाहक की

मुस्कान से करता सत्कार

फिर से हाज़िर वो छोटा सेवादार ।

 

आज फिर से छोटू को देखा,

बैठा हुआ था

किसी ख़ास सोच में

कि सहसा आवाज सुनाई दी

मर गया क्या तू है कहां

आया साब वाणी से हुई पुकार ।

 

आज फिर से छोटू को देखा,

शायद वह भूखा था

शायद थी उसको परिश्रांति(थकान)

लेकिन फिर भी लगा हुआ था

बिना शिकायत

निस्वार्थ भाव से ख़ुद को सौंपकर ।

 

आज फिर से छोटू को देखा,

चाय की दुकान पर

सड़क किनारे ढाबे पर

शहर के बेहतर से बेहतर

प्रसिद्ध रेस्त्रां के दलान में

बर्तनों की जूठन को भी नकारकर ।

जीवन की किताब | ऑनलाइन बुलेटिन
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