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अखिल भारतीय सर्वभाषा संस्कृति समन्वय समिति का सोलहवां राष्ट्रीय अधिवेशन विशाखापत्तनम में 18 जून से, शुलभ शौचालय के संस्थापक करेंगे उद्घाटन akhil bhaarateey sarvabhaasha sanskrti samanvay samiti ka solahavaan raashtreey adhiveshan vishaakhaapattanam mein 18 joon se, shulabh shauchaalay ke sansthaapak karenge udghaatan

विशाखापत्तनम में 18, 19 व 20 जून को होगा तीन दिवसीय कार्यक्रम vishaakhaapattanam mein 18, 19 va 20 joon ko hoga teen divaseey kaaryakram

नई दिल्ली | [नेशनल बुलेटिन] | देश की संविधान सम्मत सभी भाषाओं के उन्नयन एवं विकास के लिए समर्पित वैश्विक संस्था अखिल भारतीय सर्वभाषा संस्कृति समन्वय समिति अपना सोलहवां राष्ट्रीय अधिवेशन आंध्र प्रदेश के विशाखापत्तनम में आयोजित करने जा रही है। 18, 19 और 20 जून को आयोजित होने जा रहे इस 3 दिवसीय राष्ट्रीय अधिवेशन का उद्घाटन सुलभ शौचालय के संस्थापक डॉ. बिंदेश्वरी पाठक करेंगे। स्वच्छता और पर्यावरण को समर्पित इस महाधिवेशन के मुख्य अतिथि महेश बंसल, प्रदीप तथा अध्यक्षता अंतरराष्ट्रीय चिंतक कवि प्रज्ञान पुरुष सुरेश नीरव करेंगे।

 

साहित्यकार एवं मीडिया एक्सपर्ट गुरुदीन वर्मा के अनुसार इस राष्ट्रीय महत्व के अधिवेशन जो महत्वपूर्ण साहित्यकार सम्मिलित हो रहे हैं। उनमें गुजरात से राजस्थान पत्रिका (सूरत, गुजरात) के संपादक प्रदीप जोशी, मानव संसाधन मंत्रालय भारत सरकार के शिक्षा निदेशक जय प्रकाश पांडेय, डॉ. राखी कटियार (बड़ोदरा, गुजरात), कर्नाटक बैंगलुरु से दर्शन बेज़ार, महाराष्ट्र मुंबई से ऋचा सिन्हा, राजस्थान से डॉ. मधु मुकुल चतुर्वेदी, बिहार से ऋषि सिन्हा, अवधेश प्रसाद तथा अनीता प्रसाद, मध्यप्रदेश दमोह से डॉ. प्रेम लता नीलम, और नागदा से दिनेश दवे, हरियाणा गुरु ग्राम से राजेन्द्र निगम, इंदु राज निगम, छत्तीसगढ़ बिलासपुर से डॉ. बृजेश सिंह ब्रजेश तथा दुर्ग से रमाकांत छत्रसाल वडरिया, उत्तर प्रदेश से डॉ. मधु चतुर्वेदी (गजरौला), डॉ. एल.बी तिवारी अक्स (प्रताप गढ़), डॉ. कल्पना पांडेय (गौतम बुद्धनगर), मधु मिश्रा (ग़ाज़ियाबाद) तथा भारत की राजधानी दिल्ली से सविता चड्ढा, अरुण कुमार पासवान और ब्रह्मदेव शर्मा के अतिरिक्त अन्य अनेक महत्वपूर्ण रचनाकार सम्मिलित हो रहे हैं।

 

अधिवेशन में पुस्तक प्रदर्शनी, स्वच्छता और पर्यावरण विषय पर विचार संगोष्ठी, अधिवेशन में शामिल रचनाकारों की प्रमुख पुस्तकों का लोकार्पण, साहित्यिक अवदान के लिए रचनाकारों के सम्मान- अलंकरण समारोह के साथ ही राष्ट्रीय संदर्भों को समर्पित अखिल भारतीय कवि सम्मेलन भी आयोजित किया जाएगा। अहिंदी भाषी राज्यों में हिंदी के प्रचार-प्रसार के लिए अखिल भारतीय सर्वभाषा संस्कृति समन्वय समिति इसी प्रकार के राष्ट्रीय अधिवेशन समय-समय पर करती रहती है। समिति के यह प्रयास निश्चित ही राष्ट्रीय एकता के लिए बहुत ही महत्वपूर्ण हैं।

 

संस्था अखिल भारतीय सर्वभाषा संस्कृति समन्वय समिति जो अभी तक ग्वालियर, दिल्ली, गुवाहाटी, कश्मीर, अंडमान निकोबार, मसूरी, भोपाल, शिमला, शिरडी, बैंगलुरु, गोवा, बद्रीनाथ, खरगोन, मुंबई तथा पटना में राष्ट्रीय अधिवेशन आयोजित कर चुकी है।

 


Shulabh Toilet founder Bindeshwari Sixteenth National Convention of All India Sarvabhasha Sanskriti Coordination Committee from June 18 in Visakhapatnam, the founders of Shulabh toilets will inaugurate

 

Three-day program will be held in Visakhapatnam on June 18, 19 and 20

 

New Delhi | [National Bulletin] | The All India Sarvabhasha Sanskriti Coordination Committee, a global organization dedicated to the development and development of all the constitutionally mandated languages ​​of the country, is going to organize its sixteenth national convention in Visakhapatnam, Andhra Pradesh. Dr. Bindeshwari Pathak, founder of Sulabh Toilets, will inaugurate this 3-day national convention, which is going to be held on June 18, 19 and 20. Mahesh Bansal, Pradeep will be the chief guest of this convention dedicated to cleanliness and environment, and international thinker poet Pragyan Purush Suresh Nirav will preside.

 

According to litterateur and media expert Gurdeen Verma, important writers of this national importance are attending this convention. Among them Pradeep Joshi, editor of Rajasthan Patrika (Surat, Gujarat) from Gujarat, Jai Prakash Pandey, Director of Education, Government of India, Ministry of Human Resources, Dr. Rakhi Katiyar (Baroda, Gujarat), Darshan Bezar from Karnataka Bangalore, Richa Sinha from Maharashtra Mumbai, Dr. Madhu Mukul Chaturvedi from Rajasthan, Rishi Sinha, Awadhesh Prasad and Anita Prasad from Bihar, Dr. Prem Lata Neelam from Damoh, Madhya Pradesh, and Dinesh Dave from Nagda, Rajendra Nigam from Haryana Guru Gram, Dr. Indu Raj Nigam, Chhattisgarh from Bilaspur. Brijesh Singh Brajesh and Ramakant Chhatrasal Vadaria from Durg, Dr. Madhu Chaturvedi (Gajraula) from Uttar Pradesh, Dr. LB Tiwari Aks (Pratap Garh), Dr. Kalpana Pandey (Gautam Budhnagar), Madhu Mishra (Ghaziabad) and Savita Chadha, Arun Kumar Paswan and Brahmdev Sharma from the capital of India, apart from many other important writers are attending. Huh.

 

In the convention, a book exhibition, a seminar on the topic of cleanliness and environment, the release of the major books of the creators involved in the convention, the award ceremony of the creators for literary contribution, as well as the All India Poetry Conference dedicated to national contexts will also be organized.

 

For the promotion of Hindi in non-Hindi speaking states, the All India Sarvabhasha Sanskriti Coordination Committee organizes similar national conventions from time to time. These efforts of the committee are certainly very important for national integration.

 

Organization All India Sarvabhasha Sanskriti Coordination Committee which has so far organized national conventions in Gwalior, Delhi, Guwahati, Kashmir, Andaman and Nicobar, Mussoorie, Bhopal, Shimla, Shirdi, Bangalore, Goa, Badrinath, Khargone, Mumbai and Patna.

 

 

 

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