Vaccine Arm Choice Boosts Immunity Response- ? वैक्सीन लगवाते समय कौन-सा हाथ चुनते हैं आप? अब होशियारी से फैसला करें, वरना इम्यूनिटी हो सकती है कमजोर!

Vaccine Arm Choice Boosts Immunity Response- ?

Vaccine Arm Choice Boosts Immunity Response-?अगर आप भी बूस्टर डोज़ लगवाने की सोच रहे हैं और सोच रहे हैं कि इस बार बाएं हाथ में लगवाएं या दाएं में, तो सावधान हो जाइए!
Vaccine Arm Choice Boosts Immunity Response-? एक नई स्टडी ने चौकाने वाला खुलासा किया है – आपका इम्यून रेस्पॉन्स इस बात पर निर्भर कर सकता है कि वैक्सीन किस हाथ में लगाई गई थी।

Vaccine Arm Choice Boosts Immunity Response-? यह रिसर्च Garvan Institute of Medical Research और Kirby Institute (UNSW Sydney) ने की है और यह बताती है कि अगर बूस्टर डोज़ पहली डोज़ वाले हाथ में ही लगाई जाए, तो आपकी इम्यूनिटी तेज़ और मज़बूत बनती है।


? कैसे करता है वैक्सीन साइट फर्क?

जब हमें पहली बार वैक्सीन लगती है, तो हमारे शरीर का इम्यून सिस्टम वायरस की जानकारी को “याद” रखता है। इस प्रक्रिया में खास तौर पर Memory B Cells और Macrophages सक्रिय होते हैं।

इन सेल्स को ट्रेनिंग देने का केंद्र होता है – लसीका ग्रंथियां (Lymph Nodes), जो वैक्सीन साइट के पास होती हैं। यही वजह है कि अगर बूस्टर डोज़ उसी हाथ में दी जाए, जहां पहली डोज़ लगी थी, तो Memory B Cells को तुरंत पहचान मिलती है और वो तेज़ी से एक्टिव हो जाते हैं।


? क्या कहती है रिसर्च?

स्टडी में चूहों और इंसानों दोनों पर ट्रायल किया गया।
30 लोगों पर हुए क्लिनिकल ट्रायल में ये बातें सामने आईं:

  • जिन्हें बूस्टर उसी हाथ में लगा, उनमें पहले हफ्ते में ही ज़्यादा Neutralizing Antibodies बन गईं

  • इन लोगों की इम्यूनिटी ने डेल्टा और ओमिक्रॉन वैरिएंट्स पर भी जल्दी और असरदार प्रतिक्रिया दी

  • वहीं जिनका बूस्टर विपरीत हाथ में लगाया गया, उन्हें एंटीबॉडी डेवलप करने में ज्यादा समय लगा

हालांकि चार हफ्तों बाद दोनों ग्रुप्स के एंटीबॉडी लेवल लगभग समान हो गए, लेकिन शुरुआती तेजी महामारी के समय में बहुत फर्क डाल सकती है।


? क्यों मायने रखती है तेज़ इम्यूनिटी?

डॉ. Mee Ling Munier के अनुसार, “जब वायरस तेजी से म्यूटेट कर रहे हों, तो शरीर की तेज़ प्रतिक्रिया ही सबसे बड़ी सुरक्षा बनती है।”
सिर्फ यह जानना काफी नहीं कि एंटीबॉडी बन रही हैं – ये कितनी जल्दी बनती हैं, यह भी बेहद अहम है।


? यह रिसर्च सिर्फ कोविड वैक्सीन तक सीमित नहीं है!

स्टडी भले ही Pfizer-BioNTech mRNA वैक्सीन पर केंद्रित थी, लेकिन वैज्ञानिक मानते हैं कि यह सिद्धांत अन्य टीकों पर भी लागू हो सकता है, जैसे –

  • फ्लू वैक्सीन

  • हेपेटाइटिस

  • HPV वैक्सीन आदि

डॉ. ट्राई फैन, जो Garvan Institute में Precision Immunology Program के डायरेक्टर हैं, कहते हैं –
“प्रकृति ने इस सिस्टम को बनाया है, हम बस अब इसे समझ पा रहे हैं।”


✔️ वैक्सीनेशन का नया स्मार्ट तरीका: “Same Arm Strategy”

इस नई समझ से वैक्सीन स्ट्रैटेजी में बड़ा बदलाव आ सकता है:

  • बूस्टर डोज़ को उसी हाथ में लगाना जहां पहली डोज़ लगी थी

  • कम समय में अधिक इम्यून रिस्पॉन्स

  • पैंडेमिक जैसी आपात स्थिति में तेज़ हर्ड इम्युनिटी का विकास

  • संभवतः कम डोज़ में ही बेहतर सुरक्षा


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Vaccine Arm Choice Boosts Immunity Response-? अब अगली बार वैक्सीन लगवाने जाएं तो क्या करें?

✅ अपने पहले वैक्सीनेशन रिकॉर्ड को चेक करें
✅ कोशिश करें कि बूस्टर उसी हाथ में लगवाएं
✅ डॉक्टर को जानकारी दें कि आपने पहले किस साइट पर वैक्सीन ली थी



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