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छत्तीसगढ़ राज्य निर्माण आंदोलन में रामाधार कश्यप की थी, अग्रणी भूमिका chhatteesagadh raajy nirmaan aandolan mein raamaadhaar kashyap kee thee, agranee bhoomika

बिलासपुर | [छत्तीसगढ़ बुलेटिन] | मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने आज बिलासपुर के लखीराम ऑडिटोरियम में आयोजित कार्यक्रम में छत्तीसगढ़ राज्य निर्माण आंदोलन के अग्रिम पंक्ति के नेता एवं पूर्व राज्यसभा सांसद स्वर्गीय श्री रामाधार कश्यप के व्यक्तित्व एवं कृतित्व पर आधारित पुस्तक ‘‘पृथक छत्तीसगढ़ आंदोलन के दुर्धर्ष नायक: रामाधार कश्यप’’ का विमोचन किया। उन्होंने स्वर्गीय श्री रामाधार कश्यप की प्रथम पुण्यतिथि पर उनके छायाचित्र पर माल्यार्पण कर उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित की।

 

मुख्यमंत्री ने इस अवसर पर बिलासपुर शहर के किसी प्रमुख चौक पर स्वर्गीय श्री रामाधार कश्यप की प्रतिमा स्थापित करने की घोषणा की। कार्यक्रम की अध्यक्षता छत्तीसगढ़ विधानसभा के अध्यक्ष डॉ. चरणदास महंत ने की।

 

मुख्यमंत्री ने इस अवसर पर स्वर्गीय श्री रामाधार कश्यप के अनन्य सहयोगी श्री मन्नूलाल साहू एवं श्री सुशील भोले को आयोजन समिति की ओर से शाल एवं श्रीफल भेंटकर सम्मानित किया। ‘‘पृथक छत्तीसगढ़ आंदोलन के दुर्धर्ष नायक: रामाधार कश्यप’’ पुस्तक का संपादन साहित्यकार श्री डी. डी. महंत ने किया है।

 

मुख्यमंत्री श्री भूपेश बघेल ने इस अवसर पर कहा कि छत्तीसगढ़ राज्य निर्माण आंदोलन में स्वर्गीय श्री रामाधार कश्यप जी की अग्रणी भूमिका रही है। वे बहुत ही सरल  और सहज स्वभाव के व्यक्ति थे। स्वर्गीय कश्यप जी पृथक छत्तीसगढ़ राज्य निर्माण के स्वप्नद्रष्टा डॉ. खूबचंद बघेल से काफी प्रभावित थे।

 

पृथक छत्तीसगढ़ राज्य निर्माण के लिए संचालित आंदोलन में स्वर्गीय श्री कश्यप जी का योगदान अविस्मरणीय रहेगा। उन्होंने अन्य लोगों को भी राज्य निर्माण आंदोलन में भाग लेने के लिए प्रेरित किया।

 

स्वर्गीय श्री कश्यप ने छत्तीसगढ़ी लोक संस्कृति के संरक्षण के महत्व को उजागर किया तथा आम जनता को शोषण और अन्याय से मुक्ति दिलाने के लिए पृथक छत्तीसगढ़ राज्य के निर्माण का उद्घोष किया। स्वर्गीय श्री कश्यप जी ने 1969 में पृथक छतीसगढ़ राज्य निर्माण को लेकर मध्यप्रदेश विधानसभा में पर्चा फेंककर कर पूरे देश का ध्यान छत्तीसगढ़ की समस्याओं की ओर आकृष्ट किया था।

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कार्यक्रम की अध्यक्षता करते हुए विधानसभा अध्यक्ष डॉ. चरण दास महंत ने कहा कि दुर्धर्ष का अर्थ है जिसको परास्त न किया जा सके और स्वर्गीय कश्यप जी ऐसे ही शख्सियत के मालिक थे। श्री कश्यप बहुत ही सहज, सरल और बहुमुखी प्रतिभा के धनी थे। छत्तीसगढ़ की अस्मिता के लिए उनकी लड़ाई और संघर्ष अविस्मरणीय रहेगा। कार्यक्रम का आयोजन प्रभा देवी मेमोरियल वेलफेयर सोसायटी बिलासपुर के द्वारा किया गया।

 

इस अवसर पर दुर्ग सांसद श्री विजय बघेल, बिलासपुर सांसद श्री अरुण साव, संसदीय सचिव और तखतपुर विधायक श्रीमती रश्मि आशीष सिंह, बिलासपुर विधायक श्री शैलेश पाण्डेय, मस्तूरी विधायक श्री कृष्णमूर्ति बांधी, लोरमी विधायक श्री धर्मजीत सिंह, बेलतरा विधायक श्री रजनीश सिंह, अपेक्स बैंक के अध्यक्ष श्री बैजनाथ चंद्राकर, छत्तीसगढ़ पर्यटन मंडल के अध्यक्ष श्री अटल श्रीवास्तव, छत्तीसगढ़ पाठ्य पुस्तक निगम के अध्यक्ष श्री शैलेष नितिन त्रिवेदी, बिलासपुर महापौर श्री रामशरण यादव सहित अनेक जनप्रतिनिधि एवं अधिकारी मौजूद थे।

 

 

Ramadhar Kashyap had a leading role in the Chhattisgarh state building movement

 

 

Bilaspur | [Chhattisgarh Bulletin] | Chief Minister Bhupesh Baghel presented a book based on the personality and work of former Rajya Sabha MP Late Shri Ramadhar Kashyap, leader of the Chhattisgarh State Construction Movement, in a program organized at Lakhiram Auditorium in Bilaspur today. Released. He paid tribute to Late Shri Ramadhar Kashyap on his first death anniversary by garlanding his photograph.

 

On this occasion, the Chief Minister announced to install a statue of Late Shri Ramadhar Kashyap at any major square of Bilaspur city. The program was presided over by Chhattisgarh Vidhan Sabha Speaker Dr. Charandas Mahant.

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On this occasion, the Chief Minister honored Mr. Mannulal Sahu and Mr. Sushil Bhole, the exclusive associates of Late Shri Ramadhar Kashyap, by presenting shawl and Shriphal on behalf of the organizing committee. The book “Durdharsh Nayak of Separate Chhattisgarh Movement: Ramadhar Kashyap” has been edited by litterateur Shri D.D. Mahant.

 

Chief Minister Bhupesh Baghel said on this occasion that late Shri Ramadhar Kashyap ji has played a leading role in the Chhattisgarh state building movement. He was a very simple and easy going person. Late Kashyap ji was greatly influenced by Dr. Khubchand Baghel, the visionary of the creation of a separate Chhattisgarh state.

 

The contribution of Late Shri Kashyap ji in the movement for the creation of a separate Chhattisgarh state will be unforgettable. He also inspired others to participate in the state building movement.

 

Late Shri Kashyap highlighted the importance of preserving Chhattisgarhi folk culture and announced the creation of a separate Chhattisgarh state to liberate the common people from exploitation and injustice. Late Shri Kashyap ji had drawn the attention of the whole country to the problems of Chhattisgarh by throwing a form in the Madhya Pradesh Legislative Assembly in 1969 regarding the creation of a separate Chhattisgarh state.

 

Presiding over the program, Speaker of the Vidhan Sabha Dr. Charan Das Mahant said that Durdharsha means one who cannot be defeated and Late Kashyap ji was the owner of such a personality. Shri Kashyap was very easy going, simple and versatile. His fight and struggle for the identity of Chhattisgarh will be unforgettable. The program was organized by Prabha Devi Memorial Welfare Society, Bilaspur.

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On this occasion Durg MP Mr. Vijay Baghel, Bilaspur MP Mr. Arun Sao, Parliamentary Secretary and Takhatpur MLA Mrs. Rashmi Ashish Singh, Bilaspur MLA Mr. Shailesh Pandey, Masturi MLA Mr. Krishnamurti Bandhi, Lormi MLA Mr. Dharamjit Singh, Beltara MLA Mr. Rajneesh Singh, Apex Shri Baijnath Chandrakar, Chairman of the Bank, President of Chhattisgarh Tourism Board Shri Atal Shrivastava, Chairman of Chhattisgarh Text Book Corporation Shri Shailesh Nitin Trivedi, Bilaspur Mayor Shri Ramsharan Yadav and many public representatives and officials were present.

 

 

 

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