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मोनिका खुरशैल; छत्तीसगढ़ी फिल्म दुनिया में तेजी से उभरती हुई गायिका, कलाकार का ब्रेन हेमरेज से निधन | ऑनलाइन बुलेटिन

बिलासपुर | [छत्तीसगढ़ बुलेटिन] |मोनिका खुरशैल छत्तीसगढ़ी फिल्म दुनिया में एक उभरती हुई गायिका, कलाकार थी। उसके कुछ एल्बम भी रिलीज हुए थे। मोनिका के साथ ऐसी घटना किसी सदमे से कम नहीं है। उन्हें विनम्र श्रद्धांजलि।

 

तारीख 16 नवंबर 2022 की सुबह मोनिका बिलासपुर स्थित अपने घर के बाथरूम में थी और इसी दौरान उसे सिर में तेज दर्द होने हुआ। वो चिल्लाने लगी. उसकी बुआ ने दरवाजा खोला। फिर उसे तुरंत अपोलो हॉस्पिटल बिलासपुर ले जाया गया। वहां सिटी स्केन होने के बाद, अपोलो के डॉक्टरों ने बताया कि उसे ब्रेन हेमरेज हुआ है। तुरंत रायपुर ले जाना होगा।

 

परिवार के सदस्य उसे तुरंत रायपुर के रामकृष्ण हॉस्पिटल में लेकर गए, वहां डॉ डीएस साहू से मुलाकात हुई। डाॅ डीएस साहू ने बताया कि “इसका तुरंत ऑपरेशन करना पड़ेगा जिसमें ₹5 लाख खर्च आएगा। यह ऑपरेशन सरकारी अस्पताल डॉ भीमराव अंबेडकर स्मृति चिकित्सालय में भी हो सकता है। यहां भी वे ही ऑपरेशन करेंगे। खर्च कुछ कम होगा ₹3.50 लाख।

 

परिवार मध्यम वर्गीय था। पैसे की तुरंत व्यवस्था करना मुश्किल था। उन्होंने इस शर्त को माना और वे डॉक्टर भीमराव अंबेडकर सरकारी अस्पताल लेकर चले गए। वहां पर तय हुआ की शुक्रवार सुबह 10 बजे ऑपरेशन होगा। उसके पहले पैसे जमा कर दिए जाएं।

 

मोनिका के पिता ने बताया कि ₹3 लाख जमा किये जा चुके थे। ₹50 हजार निकालने के लिए एटीएम लिमिट खत्म हो चुकी थी। फिर भी पैसे की व्यवस्था कहीं और से की जा रही थी।

 

डॉक्टर ने ऑपरेशन थिएटर के बाहर स्ट्रेचर में लेटी हुई मोनिका को वापस लौटा दिया। कहा कि अब ऑपरेशन नहीं हो सकेगा। परिवार ने खूब मिन्नत की हाथ पैर जोड़े। लेकिन डॉ साहू नाराज हो गए, कहा कि 2 दिन बाद मैं सोमवार को ऑपरेशन करूंगा।

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मोनिका की हालत बिगड़ने लगी। रात में मोनिका के हाथों में सूजन दिखाई दिया। जिसमें स्लाइन लगाया गया था। जांच किया गया तो पता चला कि उसके फेफड़े में पानी भर गया है।

 

यह बात डॉक्टर को बताया गया, डॉक्टर ने 19 तारीख शनिवार की दोपहर को आनन-फानन ऑपरेशन किया। उसके बाद कहा कि अब उसे वेंटिलेटर की जरूरत पड़ेगी जो कि इस सरकारी अस्पताल में व्यवस्था नहीं है।

 

आप या तो एम्स या रामकृष्ण हॉस्पिटल ले जाये। ऐम्स ले जाने के लिए काफी प्रयास किया गया लेकिन एम्स के डॉक्टर ने कहा कि अगर वहां के डॉक्टर बातचीत करेंगे पूरी डिटेल अधीक्षकों के बीच बातचीत होगी। तभी हम एम्स में ले सकते हैं।

 

इस बीच समय ज्यादा बीतने लगा और परिवार ने हड़बड़ी में फिर रामकृष्ण केयर हॉस्पिटल में बच्ची को एडमिट करा दिया गया। यहां बताया गया है कि 21 दिन तक इलाज चलेगा शुरू के 72 घंटे क्रिटिकल होंगे कुछ भी हो सकता है। जहां यह भी बताया गया कि मोनिका का राइट साइड पैरालाइज हो गया है।

 

अस्पताल में 1 दिन का खर्च लगभग ₹1 लाख होने की जानकारी दी गई। मोनिका के मित्रों ने सोशल मीडिया में क्राउडफंडिंग करके पैसे जुटाने की कोशिश करने लगे।

 

इस पर रामकृष्ण हॉस्पिटल का प्रबंधन नाराज हो गया और उन्होंने कहा कि सोशल मीडिया में रामकृष्ण हॉस्पिटल का नाम जा रहा है इससे उनकी बदनामी हो रही है। उसे हटाया जाए लेकिन यह संभव नहीं था। क्योंकि सोशल मीडिया में किसी का कंट्रोल नहीं होता है। लोग अपने स्तर पर मदद करते रहे।

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इसके बाद सोमवार 21 तारीख को डॉक्टर प्रबंधन ने परिवार को बुलाकर बताया कि मोनिका का ब्रेन डेड हो गया है। सिर्फ एक पर्सेंट काम कर रहा है। आप अगर चाहे तो उनका अंग दान कर सकते हैं। अंगदान करवाने के लिए करीब 1.30 घंटे तक काउंसलिंग की गई, जिसमें मैं (संजीव खुदशाह) भी था।

 

परिवार को पहले से सदमा था और वह इस तरह से अंगदान करने के लिए अपने आप को तैयार नहीं कर पा रहा था। डॉक्टर ने यह भी बताया की धड़कन अभी चल रही है। उसके बाद रात 10 बजे डॉक्टरों ने कहा कि मोनिका की बॉडी को ले जाएं लेकिन परिवार इसके लिए सहमत नहीं हुआ। उन्होंने कहा कि कोई भी चमत्कार हो सकता है; जब तक उसकी धड़कन चल रही है हम उसे नहीं ले जाएंगे।

 

इसके बाद 23 तारीख कि सुबह मोनिका को पूर्ण रूप से मृत घोषित कर दिया गया। मोनिका की बॉडी को वापस बिलासपुर ले जाया गया। काश मोनिका का सही समय में इलाज हो पाता तो वह आज हमारे बीच होती।

 

(मोनिका खुरशैल छत्तीसगढ़ी फिल्म दुनिया में एक उभरती हुई गायिका, कलाकार थी। उसके कुछ एल्बम भी रिलीज हुए थे। मोनिका के साथ ऐसी घटना किसी सदमे से कम नहीं है। उन्हें विनम्र श्रद्धांजलि -संजीव खुदशशा)

 

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