jalo deep banake: जलो दीप बनके
©गायकवाड विलास
परिचय- मिलिंद महाविद्यालय, लातूर, महाराष्ट्र
jalo deep banake
कर्म करें चन्दन सा,
मन हो दर्पण जैसा।
दुखी ना रहे संसार,
चलों सभी हंसके।
jalo deep banake
सच्चा मन मीठी वाणी,
जैसे वो बहता पानी ।
फूलों सी खिले दुनियां,
चलों सभी मिलके।
jalo deep banake
सोचो औरों की भलाई,
खत्म कर दो बुराई ।
ख़ुशी मिले पल-पल,
चलों ग़म बांटके।
कर्म करें चन्दन सा,
नहीं कल का भरोसा।
रोशन हो सारा जहां,
जलो दीप बनके।









