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धरोहर | ऑनलाइन बुलेटिन

©डीआर महतो “मनु” 

परिचय- रांची, झारखंड


 

 

एक राज छिपा था देवों के उन्मुक्त विचारों में,

सृजन हुआ धरती पर जीवों का आदि काल में।

 

गबन हुआ उस अनभिज्ञता के मूलों का,

काल बने रहष्य कल्पना के उसूलों का।

 

बदल गया ये जहां, परिवर्तन का रीत बनकर,

जीने लगा जग एक खूबसूरत अंदाज लेकर।

 

1980 को सारा जहान एक सूत्र में बंध गया,

27 सितंबर जग का पर्यटन दिवस कहलाया।

 

2009 ‘अतिगवि’ प्रस्ताव मंजूर हुआ विश्व में,

हर वर्ष मनाता है लेकर एक नये रूप अंदाज में।

 

भारत बना विश्व गुरु ये स्वर फैला जग में है,

पर्यटन दिवस का विषय ‘अमृत महोत्सव’ है।

 

वतन हमारा जग लुभावां है सदैव अपने उसूलों से,

पर्यटन का केंद्र बना है अपने यथार्थवादी नीतियों से।

 

बिखेर रहा खुशीयां जग सारा मिलजुल करके,

धन है ‘धरोहर’  बचाएं मानवता दिखा करके।

 

हे माँ अम्बे | ऑनलाइन बुलेटिन

 

 

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