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तुम प्यार लिख रहे हो tum pyaar likh rahe ho

©कुमार अविनाश केसर 

परिचय- मुजफ्फरपुर, बिहार


 

तुम प्यार लिख रहे हो, मैं गीत लिख रहा हूँ।

जग का सार लिख रहे हो, मैं रीत लिख रहा हूँ।

 

तुम्हें दर्द ने है मारा, मुझे प्यार ने संभाला,

तुम हार लिख रहे हो, मैं जीत लिख रहा हूँ।

 

दुनिया ने जो दिया है, सपनों में जो जिया है,

तुम दर्द लिख रहे हो, मैं प्रीत लिख रहा हूँ।

 

तेरे दिल का ये सितम है, तेरे साथ ही जिया है,

तुम दिल लिख रहे हो, मैं मनमीत लिख रहा हूँ।

 

 

कुमार अविनाश केसर

Kumar Avinash Kesar

 

you are writing love

 

 

You are writing love, I am writing songs.
You are writing the essence of the world, I am writing the ritual.

You have been hit by pain, love has taken care of me,
You are writing defeat, I am writing victory.

What the world has given, who has lived in dreams,
You are writing pain, I am writing love.

This is the heart of your heart, I have lived with you,
You are writing my heart, I am writing my mind.

 

द्रौपदी : कल और आज draupadee : kal aur aaj

 

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