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आजादी aajaadee

©अनिता चन्द्राकर

परिचय- दुर्ग, छत्तीसगढ़


 

लिखी हैं इतिहास के पन्नों पर, स्वतंत्रता संग्राम की गाथाएँ।

दे गए अपने प्राणों की आहुति, अनेक वीर और वीरांगनाएँ।

सदियों बाद आजादी का दिन, लेकर आया स्वर्णिम प्रभात।

गर्वोन्नत हुई फिर से भारत भूमि, बीत गई जब काली रात।

अनगिनत शहीदों के बलिदानों से, मिली हमें यह स्वतंत्रता।

खुली हवा में साँस ले रहे हम, सबक सीखा गई परतंत्रता।

भेदभाव मिटाकर मन से, फैलाये प्रेम विश्वास का प्रकाश।

अमर रहे यह देश हमारा, आओ करें हम चहुँमुखी विकास।

सोचकर अत्याचार, आज भी जल उठती है हृदय में ज्वाला।

गुलामी दुखों का गहरा सागर, है आज़ादी अमृत का प्याला।

अनगिनत शहीदों के बलिदान से, मिली हमें यह स्वतंत्रता।

खुली हवा में साँस ले रहे हम, सबक सीखा गई परतंत्रता।

भेदभाव मिटाकर मन से, फैलाये प्रेम विश्वास का प्रकाश।

अमर रहे यह देश हमारा, आओ करें हम चहुँमुखी विकास।

 

 

 

अनिता चन्द्राकर

Anita Chandrakar


 

 

Independence

 

 

The stories of freedom struggle are written on the pages of history.
Gave up the sacrifice of their lives, many brave and brave women.
After centuries, the day of independence brought golden dawn.
The land of India became proud again, when the dark night has passed.
We got this freedom from the sacrifices of countless martyrs.
We are breathing in the open air, lesson learned.
By eradicating discrimination, spread the light of love and faith.

May this country be ours forever, let us do all round development.
Thinking of tyranny, even today the fire in the heart burns.
Slavery is a deep ocean of sorrow, freedom is the cup of nectar.
We got this freedom because of the sacrifices of countless martyrs.
We are breathing in the open air, lesson learned.
By eradicating discrimination, spread the light of love and faith.
May this country be ours forever, let us do all round development.

 

 

स्वतंत्रता svatantrata

 

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